Mobile recharge is going to get expensive by 2026 Jio, Airtel और VI अपने प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान लगभग 20% तक बढ़ा सकते हैं !
आम आदमी की परेशानी >>
पहले ही महंगाई मार रही है , अब मोबाइल रिचार्ज भी महंगा. कॉल ड्रॉप , स्लो इंटरनेट, नेटवर्क की दिक्कतें जैसी की तैसी , लेकिन बिल बढ़ेगा।
विकल्प कम हैं, तीन ही बड़ी कंपनियाँ कहाँ जाए आम आदमी?

गांवों, छात्रों और कम कमाने वालों पर सीधा बोझ पड़ेगा। 5G के नाम पर पैसे वसूले जा रहे हैं, लेकिन हर जगह ठीक से चलता भी नहीं।
सीधा सवाल TRAI से 👇
- इन कंपनियों पर कंट्रोल क्यों नहीं है?
- क्या इन तीनों की MONOPOLY नहीं बन चुकी है?
- क्या ये कंपनियाँ जब मर्जी प्लान बढ़ा सकती हैं और उपभोक्ता बस चुप रहे?
सीधी मांग 👇
- दाम बढ़ाने से पहले सेवा ठीक करो।
- खराब नेटवर्क पर जुर्माना और रिफंड होना चाहिए।
- गरीब और छात्रों के लिए सस्ते प्लान ज़रूरी हैं।
- बिना जनता से पूछे दाम बढ़ाना बंद हो।
- मोबाइल आज शौक नहीं, ज़रूरत है।
महंगा करने से पहले जवाबदेही दिखाओ

Jio, Airtel और VI — तीनों निजी टेलीकॉम कंपनियाँ Prepaid और Postpaid टैरिफ 20% बढ़ाने जा रही हैं। कोई शर्म, कोई बहाना, कोई सुधार का वादा नहीं — बस सीधा संदेश: अब ज़्यादा पैसे दो।
- नेटवर्क वही रहेगा —
📶 कॉल ड्रॉप वही
🐢 इंटरनेट की रफ्तार वही
📞 कस्टमर केयर पर घंटों लटकना वही
लेकिन बिल?
💸 सीधा 20% भारी। - जिस देश में
▪️ सैलरी सालों से जमी हुई है
▪️ बेरोज़गारी रिकॉर्ड तोड़ रही है
▪️ टैक्स हर सांस पर वसूला जा रहा है
वहीं अब बात करना और इंटरनेट चलाना भी लग्ज़री बनाया जा रहा है। - 👉🏻 और विकल्प?
❌ BSNL को जानबूझकर कमजोर रखा गया
❌ प्रतिस्पर्धा खत्म कर दी गई
❌ पूरा सेक्टर गिनती की कंपनियों के हवाले
जब विकल्प नहीं होते, तो इसे महंगाई नहीं — मजबूरी की वसूली कहते हैं।
- डिजिटल इंडिया का नया मॉडल समझ लीजिए👇
📲 सिम आपकी
📡 नेटवर्क उनका
💰 मनमानी उनकी
और चुकता सिर्फ आम आदमी।
आज 20% बढ़े हैं, कल 30% बढ़ेंगे, और परसों कहा जाएगा -“यूज़ करना है तो सहना पड़ेगा।”
यह सुधार नहीं है। यह सेवा नहीं है। यह खुलेआम कार्टेल राज है — और सबसे महंगी चीज़ अब
👉 आपकी चुप्पी बन चुकी है।
