Blood Falls: अंटार्कटिका का वो झरना जहाँ पानी नहीं ‘खून’ गिरता है, जानें इसके पीछे का असली सच

क्या आपने अंटार्कटिका के ‘Blood Falls’ के बारे में सुना है? सफेद बर्फ के बीच से बहते इस रहस्यमयी लाल पानी ने वैज्ञानिकों को भी चौंका दिया है जानिए 100 साल पुराने इस राज के पीछे का असली वैज्ञानिक सच

अंटार्कटिका का रहस्यमयी ‘खून का झरना’ (Blood Falls): विज्ञान या चमत्कार?

अंटार्कटिका की मैकमर्डो ड्राई वैली (McMurdo Dry Valleys) में स्थित टेलर ग्लेशियर (Taylor Glacier) से जब लाल रंग का पानी गिरता है, तो ऐसा लगता है मानो ग्लेशियर से खून बह रहा हो। इसे ही दुनिया ‘ब्लड फॉल्स’ के नाम से जानती है। 1911 में भूविज्ञानी ग्रिफ़िथ टेलर ने पहली बार इसकी खोज की थी।

लाल रंग का असली रहस्य क्या है?

शुरुआत में वैज्ञानिकों का मानना था कि पानी का यह लाल रंग लाल शैवाल (Red Algae) के कारण है। लेकिन लंबे शोध के बाद सच्चाई कुछ और ही निकली।

  • आयरन की प्रचुरता: टेलर ग्लेशियर के नीचे लगभग 1.5 मिलियन साल पहले एक खारे पानी की झील दब गई थी। इस पानी में आयरन (लोहा) की मात्रा बहुत अधिक है।
  • ऑक्सीकरण (Oxidation): जब यह अत्यधिक खारा और आयरन युक्त पानी ग्लेशियर की दरारों से बाहर निकलता है और हवा के संपर्क में आता है, तो आयरन ऑक्सीजन के साथ प्रतिक्रिया करता है।
  • केमिकल रिएक्शन: ठीक वैसे ही जैसे लोहे में जंग लगने पर वह लाल हो जाता है, पानी का लोहा हवा के संपर्क में आकर उसे गहरा लाल रंग दे देता है।

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Blood Falls से जुड़ी 5 अद्भुत बातें

  1. बिना सूरज के जीवन: इस झरने के नीचे दबी झील में रोशनी और ऑक्सीजन बिल्कुल नहीं है। इसके बावजूद वहां सूक्ष्मजीव (Microbes) जीवित हैं। यह वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह या बृहस्पति के चंद्रमा ‘यूरोपा’ पर जीवन की संभावनाओं को समझने में मदद करता है।
  2. जमता नहीं है यह पानी: अंटार्कटिका का तापमान शून्य से बहुत नीचे होने के बावजूद यह पानी जमता नहीं है। इसका कारण इसमें मौजूद नमक की अत्यधिक मात्रा है, जो पानी के फ्रीजिंग पॉइंट को कम कर देती है।
  3. प्राचीन इकोसिस्टम: यह झरना हमें लाखों साल पुराने उस इकोसिस्टम की झलक देता है, जो बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटा हुआ है।
  4. शुरू में लोगो को लगा यह रंग कोई अजीबो गरीब algae की वजह से होगा लेकिन बाद में रिसर्च में पता लगा इस झरने के नीचे है सबग्लेशियल लेक जो करोड़ साल से रोशनी से दूर है
  5. उसमें मौजूद पानी नमक और आयरन से भरा है जब यह पानी बाहर आता है तो आयरन ऑक्साइड हो जाता है और पानी का रंग खून जैसा दिखता है

पर्यटकों के लिए जानकारी

Blood Falls तक पहुँचना आसान नहीं है। यहाँ केवल हेलीकॉप्टर या रिसर्च जहाजों के जरिए ही पहुँचा जा सकता है। यह अंटार्कटिका के सबसे दुर्गम लेकिन सबसे चर्चित स्थानों में से एक है।

निष्कर्ष

अंटार्कटिका का ‘ब्लड फॉल्स’ कुदरत की एक अद्भुत इंजीनियरिंग है। जिसे कभी डरावना या अलौकिक माना जाता था, वह असल में केमिस्ट्री और जियोलॉजी का एक शानदार मेल है। यह हमें याद दिलाता है कि हमारी पृथ्वी पर अभी भी ऐसे कितने रहस्य हैं, जिन्हें पूरी तरह समझना बाकी है।

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