
Silver Today Price ने सिर्फ़ बाजार में नहीं, आम आदमी की जिंदगी में भी हलचल मचा दी
भारत में चांदी सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि सगुन और परंपरा का प्रतीक है। जन्म से लेकर विवाह तक, चांदी के बर्तन या गहने उपहार में देना एक रस्म रही है। अब जब कीमतें ₹3 लाख/किलो के स्तर को छू रही हैं, तो यह “शुभ शगुन” अब एक लक्जरी (luxury) बनता जा रहा है। मिडिल क्लास के लिए अब ‘शगुन की चांदी’ खरीदना निवेश नहीं, बल्कि एक भारी खर्च बन गया है।
चांदी ने भी इतिहास रच दिया है और सोनी ने भी इतिहास रच दिया है। यह हो इसलिए रहा है क्योंकि दुनिया भर के सेंट्रल बैंक खरीदारी कर रहे हैं।डॉलर पर निर्भरता घटाने के लिए खरीदारी कर रहे हैं।
सेंट्रल बैंक जब डॉलर पर निर्भरता घटाते हैं तो सोना-चांदी का भरोसा बढ़ता है। यही वजह है कि दोनों ने एक साथ इतिहास रच दिया है।
चांदी की बढ़ती कीमतों के पीछे के मुख्य कारण
चांदी को ‘गरीबों का सोना’ कहा जाता था, लेकिन अब यह एक ‘स्ट्रैटेजिक मेटल’ बन चुका है। इसकी कीमतों में उछाल के पीछे कई बड़े कारक काम कर रहे हैं:
- औद्योगिक मांग (Industrial Demand): चांदी का उपयोग केवल गहनों तक सीमित नहीं है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EVs), और 5G टेक्नोलॉजी में चांदी का भारी इस्तेमाल होता है। जैसे-जैसे दुनिया ‘ग्रीन एनर्जी’ की ओर बढ़ रही है, चांदी की मांग आसमान छू रही है।
- सप्लाई में कमी: मांग के मुकाबले चांदी का खनन (Mining) उस गति से नहीं बढ़ रहा है। वैश्विक स्तर पर चांदी की कमी (Deficit) कीमतों को ऊपर धकेल रही है।
- सुरक्षित निवेश (Safe Haven): वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) और महंगाई के समय में लोग सोने के साथ-साथ चांदी को भी एक सुरक्षित निवेश मानते हैं।
क्या 3 लाख का लक्ष्य संभव है?
वर्तमान में चांदी की कीमतें जिस स्तर पर हैं, वहां से 3 लाख रुपये प्रति किलो का सफर थोड़ा लंबा लग सकता है, लेकिन नामुमकिन नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डॉलर इंडेक्स में गिरावट आती है और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरें कम होती हैं, तो चांदी में मल्टी-ईयर बुल रन (Multi-year Bull Run) देखने को मिल सकता है।
प्रो टिप: निवेश के नजरिए से देखें तो चांदी में उतार-चढ़ाव सोने के मुकाबले ज्यादा होता है, इसलिए इसमें ‘बाय ऑन डिप्स’ (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति सबसे बेहतर होती है।
चांदी में निवेश कैसे करें?
अगर आप भी इस रैली का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आपके पास कई विकल्प हैं:
- फिजिकल सिल्वर: सिक्के या सिल्लियां खरीदना।
- Silver ETF: शेयर बाजार के माध्यम से पेपर सिल्वर में निवेश, जो सुरक्षित और लिक्विड है।
- MCX Trading: यदि आप जोखिम उठा सकते हैं, तो कमोडिटी मार्केट में ट्रेडिंग कर सकते हैं।
- सिल्वर म्यूचुअल फंड: प्रोफेशनल फंड मैनेजर्स के जरिए निवेश।
चांदी का दाम चाहे 3 लाख पार कर गया हो लेकिन घर की खुशियाँ और शादी की यादें कभी महंगी नहीं हो सकती लोग जैसे भी होता है पैसे का इंतजाम करके खरीदारी जरूर करते हैं
जिस चांदी से घरों में शादी-ब्याह की चमक जुड़ी होती है, वही पहली बार 3 लाख रुपये किलो पार कर गई है अब हालत ये है कि जिन घरों में बेटी-बेटे की शादी की तैयारी चल रही है, वहां गहनों का बजट फिर से जोड़ा-घटाया जा रहा है
MCX पर चांदी की कीमतों में आई तेज़ उछाल ने निवेशकों के साथ-साथ उन परिवारों की भी चिंता बढ़ा दी है, जो हर साल शुभ मौकों पर चांदी खरीदते हैं
पहले जहां कड़े, पायल या बर्तन लेना परंपरा थी, अब लोग पूछ रहे हैं “थोड़ा इंतज़ार कर लें क्या?” दुनिया की अनिश्चितता, महंगाई और सुरक्षित निवेश की तलाश ने चांदी को आसमान दिखा दिया है
लेकिन इस चमक के बीच आम आदमी यही सोच रहा है कि क्या आने वाली शादियों में चांदी की जगह अब सिर्फ़ यादें ही सस्ती बचेंगी।
निष्कर्ष
“अबकी बार चांदी 3 लाख पार” का सपना सच होगा या नहीं, यह तो आने वाला वक्त बताएगा। लेकिन एक बात साफ है—चांदी अब केवल एक धातु नहीं, बल्कि भविष्य की करेंसी और तकनीक की जान है। यदि आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो चांदी आपके पोर्टफोलियो का एक अहम हिस्सा होनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
