बैंक खाते में गलती से आए पैसे वापस करना आपको भारी पड़ सकता है! जानिए UPI ‘Jumped Deposit’ स्कैम का सच। स्कैमर्स के इमोशनल कॉल के पीछे का खतरनाक जाल क्या है? सुरक्षित डिजिटल लेनदेन के लिए इन 5 बातों का रखें ध्यान

क्या है UPI ‘Jumped Deposit’ या गलत पेमेंट स्कैम?
सरल शब्दों में, इस स्कैम में धोखेबाज आपके UPI नंबर (जो अक्सर आपका मोबाइल नंबर होता है) पर कुछ पैसे भेजता है। इसके तुरंत बाद, वह आपको फोन करता है और बड़े ही घबराए हुए या दुखी स्वर में कहता है कि उसने “गलती से” पैसे आपके नंबर पर ट्रांसफर कर दिए हैं। वह आपसे अनुरोध करता है कि आप वह पैसे उसे वापस भेज दें।
यहीं से असली खेल शुरू होता है। जब आप पैसे वापस भेजते हैं, तो आपका अकाउंट हैक होने या ‘मैलेशियस’ (Malicious) लिंक के जरिए डेटा चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है।
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Jumped deposit स्कैम कैसे काम करता है? (Step-by-Step)
स्कैमर्स इस धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए मनोवैज्ञानिक दबाव और तकनीक का मिश्रण इस्तेमाल करते हैं:
- पैसे भेजना: स्कैमर आपके खाते में 100, 500 या 1,000 रुपये जैसी छोटी राशि भेजता है।
- इमोशनल कॉल: वह आपको फोन करेगा और कहेगा, “सर/मैम, मैं अस्पताल में हूँ (या कोई और मजबूरी) और गलती से पैसे आपको भेज दिए, कृपया मानवता के नाते इसे वापस कर दें।”
- QR कोड या फिशिंग लिंक: वह आपको एक QR कोड भेजेगा या किसी विशेष लिंक पर क्लिक करके पैसे वापस करने को कहेगा।
- मैलवेयर और हैकिंग: जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं या स्कैमर द्वारा बताए गए असुरक्षित तरीके से पैसे भेजते हैं, आपके फोन में मैलवेयर इंस्टॉल हो सकता है या आपकी बैंकिंग डिटेल्स उनके पास जा सकती हैं। कई मामलों में, वे आपके UPI PIN को चुराने के लिए ‘स्क्रीन मिररिंग’ ऐप्स का भी सहारा लेते हैं।
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स्कैमर्स का असली मकसद क्या है?
शायद आप सोचें कि 500 रुपये वापस करने में क्या बुराई है? लेकिन स्कैमर्स का मकसद सिर्फ वह 500 रुपये नहीं, बल्कि आपके बैंक खाते तक ‘अनधिकृत पहुंच’ (Unauthorized Access) बनाना है। कई बार ये पैसे किसी गैर-कानूनी गतिविधि (जैसे मनी लॉन्ड्रिंग) के होते हैं, और उन्हें आपके खाते के जरिए रूट करके स्कैमर अपनी पहचान छुपा लेते हैं। इससे आप पुलिस की जांच के घेरे में आ सकते हैं।
खुद को सुरक्षित रखने के उपाय
अगर आपके पास भी ऐसा कोई कॉल आए, तो घबराने के बजाय इन स्टेप्स को फॉलो करें:
- सीधा पैसा वापस न करें: अगर कोई अनजान व्यक्ति पैसे वापस मांगे, तो उसे कहें कि वह अपने बैंक में जाकर ‘Wrong Transaction’ की शिकायत दर्ज करे। बैंक खुद ही प्रक्रिया के तहत पैसे वापस करेगा।
- किसी लिंक या QR कोड का इस्तेमाल न करें: पैसे वापस करने के लिए कभी भी उनके द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें।
- बैंक को सूचित करें: अपने बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करें और उन्हें बताएं कि आपके खाते में अनजान व्यक्ति ने पैसे भेजे हैं। इससे आपकी तरफ से पारदर्शिता बनी रहती है।
- नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल: यदि स्कैमर आपको बार-बार फोन करके परेशान करे या धमकी दे, तो तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें या [संदिग्ध लिंक हटा दिया गया] पर शिकायत दर्ज करें।
निष्कर्ष
डिजिटल दुनिया में आपकी सावधानी ही आपकी सुरक्षा है। “Jumped deposit” स्कैम आपकी ईमानदारी को हथियार बनाता है। हमेशा याद रखें कि अगर किसी ने वाकई गलती से पैसे भेजे हैं, तो बैंकिंग सिस्टम में उसे सुधारने के वैध तरीके मौजूद हैं। आपको व्यक्तिगत रूप से रिस्क लेने की आवश्यकता नहीं है।
अपरिचित नंबरों से आने वाले ‘पेमेंट रिक्वेस्ट’ को हमेशा रिजेक्ट करें और अपना UPI PIN कभी किसी के साथ साझा न करें।
